पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजे आने से एक दिन पहले कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं.





 



पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती मंगलवार को होनी है, लेकिन ईवीएम की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. ताजा मामला मध्य प्रदेश के इंदौर और कुछ अन्य इलाकों में स्ट्रॉन्ग रूम के क्षेत्र में वाईफाई चलने का है. दरअसल, निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा कारणों से स्ट्रॉन्ग रूम और आसपास वाईफाई और इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाया हुआ है.

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा ने चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित करते हुए ट्वीट किया, 'इंदौर और कुछ अन्य जगहों पर जहां ईवीएम रखे गए हैं, वहां वाईफाई चल रहा है. इससे मतगणना की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह खड़ा होता है. आखिर इस घड़ी में इसकी क्या जरूरत है. इससे आसानी से ईवीएम चिप तक पहुंचा जा सकता. बेहद गंभीर मामला.'



कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी विवेक तनखा के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'क्या चुनाव आयोग स्पष्ट करेगा? राज्य चुनाव आयोग ने वादा किया था कि स्ट्रॉन्ग रूम जहा ईवीएम रखे गए हैं और जहां गिनती होनी है उस जगह वाईफाई नहीं होगा.'

वहीं मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना की वेबकास्टिंग न करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह निर्देश जारी किए गए हैं कि काउंटिग हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और मतगणना के दौरान वाईफाई का इस्तेमाल न हो.

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के एक निजी होटल में ईवीएम मशीन और सागर जिले में बिना नंबर की स्कूल बस से स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम पहुंचाए जाने का वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जनादेश को पटलने की कोशिश कर रही है. वहीं, एक अन्य मामले में शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगभग एक घंटे के लिए बिजली नहीं होने की वजह से स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी और एलईडी डिस्प्ले इस अवधि में काम नहीं कर पाया.

इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने भी माना है कि मध्य प्रदेश में ऐसी दो घटनाएं हुईं थीं जिसमें ईवीएम को लेकर नियमावली का पालन नहीं किया गया. लेकिन आयोग का कहना था कि यह गलती प्रक्रिया तक ही सीमित है और मशीनों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई. लेकिन आयोग ने एक अधिकारी को मशीने देरी से जमा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया.

चुनाव आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि मशीनों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई. मशीने देरी से पहुंचने के लिए नायब तहसीलदार राजेश मेहरा को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, शुक्रवार को शाजापुर जिले में एक बीजेपी नेता के होटल में ईवीएम मशीनों के साथ अधिकारियों के वीडियो सामने आने पर भी चुनाव आयोग ने कहा कि अधिकारियों द्वारा होटल में ईवीएम मशीनों के साथ जाना नियमों की अनदेखी थी और जैसे ही खबर मिली संबंधित अधिकारियों को हटा दिया गया.

मतगणना तक कांग्रेस स्ट्रॉन्ग रूम की करेगी निगरानी

एक तरफ कांग्रेस के नेता लगातार ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं मध्य प्रदेश, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी कार्यकर्ताओं स्ट्रॉन्ग रूम पर 11 दिसंबर तक नजर रखने के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट में लिखा, 'कांग्रेस पार्टी कार्यकताओं, यह सतर्क रहने का समय है. मध्य प्रदेश में वोटिंग के बाद ईवीएम का व्यवहार अजीब रहा है. कुछ ने एक स्कूल बस चुराई और दो दिन के लिए गायब हो गईं. कुछ अन्य होटल में पीते हुए पाई गईं. मोदी के भारत में ईवीएम के पास रहस्यमयी ताकते हैं.'

वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट में लिखा था कि, 'सभी कांग्रेसजन , कांग्रेस प्रत्याशियों से अपील 11 दिसम्बर मतगणना तक स्ट्रॉन्ग रूम व ईवीएम पर निगरानी रखे, विशेष सावधानी रखे. कांग्रेस की सरकार बनना तय है."



from News BaBa https://ift.tt/2Gas2XX
via IFTTT

from hindi news https://ift.tt/2BZ43qs
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

हुक्का बार को NGT से राहत, प्रदूषण फैलाने वाले कारकों में शामिल नहीं

लोकसभा चुनाव का ये है पूरा शेड्यूल, 23 मई को होगा देश के भाग्य का फैसला

पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज: CM के लिए कैप्टन, PM के लिए राहुल गांधी पहली पसंद,