पायलट बोले- मेरे खिलाफ BJP को बस 3 घंटे पहले मिला कैंडिडेट
राजस्थान विधानसभा चुनाव में नामांकन भरने का सोमवार को आखिरी दिन था. आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट पूरे लाव-लश्कर के साथ रोड शो करते हुए अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे. वहीं, पार्टी महासचिव अशोक गहलोत ने अपने चार दोस्तों के साथ सादगी से चुपचाप जोधपुर के कलेक्टर दफ्तर में अपना पर्चा भरा.
सचिन पायलट ने टोंक में 4 किमी के रोड शो में अपनी ताकत दिखाई और अपार जनसमूह के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन भरा. इससे पहले उन्होंने जयपुर से रवाना होते समय मोती डूंगरी मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया और फिर टोंक में आकर गुर्जर लोक देवता के मंदिर जाकर पूजा अर्चना की.
नामांकन भरने के बाद पायलट ने कहा कि आज जिस तरह से टोंक की जनता कांग्रेस के इस रोड शो में उमड़ी है उसे साफ हो गया है कि बीजेपी टोंक में मुकाबले में कहीं भी नहीं है.
कांग्रेस के अंदर टिकट वितरण को लेकर हो रही मारामारी पर उन्होंने कहा कि ऐसा स्वाभाविक होता है, जब पार्टी सत्ता में आ रही होती है तो 15 से 20 लोग एक सीट के लिए दावेदार होते हैं. टिकट किसी एक को मिलता है तो बाकी नाराज होते हैं, लेकिन हम उन्हें मना लेंगे.
मुख्यमंत्री कौन बनेगा इस बात पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम इस झगड़े में नहीं पड़ना चाह रहे हैं. चुनाव बाद आलाकमान जो तय करेगा, वही होगा.
गौरतलब है कि पायलट के रोड शो में 'हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो, सचिन पायलट जैसा हो' के नारे लग रहे थे.
कहा जाता है कि टोंक में 2 लाख 38 हजार मतदाता हैं, जिसमें से 65 हजार अल्पसंख्यक हैं, जबकि 45 हजार गुर्जर हैं. 85 हजार एससी/एसटी से आते हैं. कांग्रेस के वोट बैंक को देखते हुए सचिन पायलट ने टोंक को चुना है.
वसुंधरा सरकार के पीडब्ल्यूडी और परिवहन मंत्री को टोंक से उम्मीदवार बनाए जाने पर पायलट ने चुटकी लेते हुए कहा कि 3 घंटे पहले वह बड़ी मुश्किल से हमारे लिए एक उम्मीदवार ढूंढ कर लाए हैं, जो टोंक नहीं आना चाहता था. डीडवाना से उसको टिकट काटकर जबरदस्ती टोंक भेज दिया है.
पायलट के साथ-साथ अपना पर्चा दाखिल करने कलेक्ट्रेट पहुंचे बीजेपी उम्मीदवार यूनुस खान ने कहा कि मैं कोई बलि का बकरा नहीं बना हूं. 11 दिसंबर को देख लेना मैं क्या गुल खिलाऊंगा.
खान ने आगे कहा कि यह चुनाव राजा और रंक, स्वामी और सेवक के बीच है. पायलट हेलीकॉप्टर में चलने वाले लोग हैं और मैं गांव का आदमी हूं. टोंक में कोई एयरपोर्ट नहीं है इसलिए लैंड करने की कोशिश करेंगे तो उनका विमान क्रैश हो जाएगा.
वहीं, महज एक कार में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे अशोक गहलोत ने चुपचाप अपना नामांकन दाखिल किया. इसके बाद जोधपुर की पावटा में उन्होंने सभा संबोधित की,
नामांकन दाखिल करने से पहले गहलोत ने अपने पूर्वजों का भी आशीर्वाद लिया फिर अपने पुराने घर जाकर बुजुर्गों का भी आशीर्वाद लिया.
गहलोत ने पावटा में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जोधपुर से दूर नहीं जा सकता. जोधपुर ही मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि, दोनों है. उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में जोधपुर के साथ नाइंसाफी हुई है. उससे मेरा भी दिल दुखता है.
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