राष्ट्रपति बोले- शबरी की तरह कमजोरों को समानता देने की जरूरत
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली में लवकुशरामलीला में बोलते हुए कहा, "राम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें कमजोर वर्गों को समानता देना चाहिए जैसे राम ने केवट को दी और शबरी के झूठे बेर खाकर उन्हें मान दिया. हमें उनके प्रति संवेदनशील रहने की जरूरत है."
रामनाथ कोविंद ने आगे कहा, "इस समय विभिन्न आस्थाओं के त्यौहार का मौसम है. हमें ऐसे त्यौहार मनाना चाहिए कि दूसरों को दिक्कत न हो. आतिशबाजी का कम से कम प्रयोग करें जिससे प्रदूषण न फैले. सभी अनुशासित होकर रहें और रामगाथा को अपने जीवन में प्रासंगिक बनाएं. राम की शिक्षा को भावी पीढ़ी को सौंपने का काम हमें ही करना है.
कोविंद ने वर्तमान समय में रावण वध की प्रासंगिकता पर बोलते हुए कहा, "जीवन में हमें हर चुनौती का सामना करना चाहिए. राम ने भी विपरीत परिस्थितियों में बुद्धि, युक्ति, वीरता और सभी वर्गों का साथ लेकर रावण पर विजय प्राप्त की. महिलाओं के सम्मान के लिए भी हमें सजग रहना चाहिए. हमें अपनी सारी बुराईयों को रावण के पुतले के साथ दहन कर देनी चाहिए.
गौरतलब है कि लवकुश रामलीला में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने भी भूमिका निभाई है तो वहीं अभिनेता बिंदु दारा सिंह हनुमान के रोल में नजर आए थे. इस वजह से ये रामलीला चर्चा का विषय बनती है.राष्ट्रपति के संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रावण दहन किया.
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